अमरोहा। क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद में अब एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। हसीन जहां ने उत्तराखंड के खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2018 में जब मोहम्मद शमी परिवार में वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे, तब उमेश शर्मा के कथित हस्तक्षेप के कारण दोनों के बीच सुलह नहीं हो सकी।
हसीन जहां ने यह आरोप मीडिया से बातचीत में लगाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि उस समय शमी ने उमेश शर्मा की मदद ली थी और बाद में इस हस्तक्षेप के कारण उनके और शमी के बीच दूरी और बढ़ गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध रिपोर्टों में उमेश शर्मा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
2018 के विवाद के बाद अलग हुए शमी और हसीन
मोहम्मद शमी और हसीन जहां का वैवाहिक विवाद वर्ष 2018 में सार्वजनिक हुआ था। हसीन जहां ने उस समय शमी और उनके परिवार पर कई आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला पुलिस और अदालत तक पहुंचा।
इसके बाद दोनों लंबे समय से अलग रह रहे हैं। उनके वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दोनों की एक बेटी भी है।
हसीन जहां का अब दावा है कि विवाद के शुरुआती दौर में शमी परिवार में वापस लौटना चाहते थे, लेकिन उनके मुताबिक उमेश शर्मा के हस्तक्षेप से सुलह का मौका खत्म हो गया।
हसीन जहां ने आर्थिक लाभ लेने का भी लगाया आरोप
हसीन जहां ने केवल रिश्तों में हस्तक्षेप का आरोप ही नहीं लगाया, बल्कि यह भी दावा किया कि शमी से जुड़े कानूनी विवाद के दौरान उनकी मदद करने के नाम पर उमेश शर्मा ने आर्थिक लाभ लिया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के विवाद के दौरान शमी ने उमेश शर्मा की सहायता ली थी।
हालांकि, इन आर्थिक लेनदेन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती है। इसलिए इन्हें हसीन जहां के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
उमेश शर्मा कौन हैं?
उमेश शर्मा वर्तमान में उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं। PRS Legislative Research के रिकॉर्ड के अनुसार उनका विधानसभा कार्यकाल 10 मार्च 2022 से शुरू हुआ और वह वर्तमान में पद पर हैं।
उमेश शर्मा का पत्रकारिता से भी जुड़ा रहा है। NDTV की प्रोफाइल के अनुसार राजनीति में आने से पहले उन्होंने पत्रकार के रूप में काम किया था और 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खानपुर से विधानसभा चुनाव जीता था।
हसीन जहां ने फार्म हाउस मामले का भी जिक्र किया
हसीन जहां ने बातचीत के दौरान अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में स्थित उमेश शर्मा के फार्म हाउस से जुड़े एक कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले का भी उल्लेख किया और पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई की बात रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, इस प्रकरण में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत के अंतिम निर्णय से ही निर्धारित होगी।
शमी के खिलाफ चुनाव लड़ने का भी ऐलान
हसीन जहां के ताजा आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब अमरोहा की राजनीति में मोहम्मद शमी के संभावित राजनीतिक पदार्पण को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
हाल में मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय लोक दल अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद उनके राजनीति में आने की अटकलें शुरू हुईं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार शमी की ओर से किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इसी बीच हसीन जहां ने कहा है कि यदि शमी या उनके भाई हसीब चुनाव मैदान में उतरते हैं तो वह भी उनके सामने चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
पुराने विवाद के बीच राजनीतिक बयान ने बढ़ाई हलचल
हसीन जहां के इस बयान ने एक पुराने वैवाहिक विवाद को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। एक तरफ शमी के संभावित राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ हसीन जहां ने खुले तौर पर उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही है।
इसके साथ ही वर्ष 2018 के घटनाक्रम को लेकर विधायक उमेश शर्मा पर लगाए गए उनके आरोपों ने भी नया राजनीतिक और मीडिया विवाद खड़ा कर दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में तीन बातें अलग-अलग रखना जरूरी है—हसीन जहां के आरोप, उमेश शर्मा की संभावित प्रतिक्रिया और किसी सक्षम जांच अथवा अदालत से सामने आने वाले तथ्य। उपलब्ध रिपोर्टों में उमेश शर्मा की ओर से हसीन जहां के इन ताजा आरोपों पर विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
अब नजर किस पर?
हसीन जहां के आरोपों के बाद अब सबसे ज्यादा नजर विधायक उमेश शर्मा की प्रतिक्रिया पर रहेगी। साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या वह इन आरोपों को लेकर कोई स्पष्टीकरण या कानूनी कदम उठाते हैं।
दूसरी ओर, मोहम्मद शमी के राजनीति में आने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक चुनावी घोषणा नहीं हुई है। यदि वह या उनके परिवार का कोई सदस्य आगामी विधानसभा चुनाव में उतरता है, तो हसीन जहां पहले ही उनके सामने चुनाव लड़ने की अपनी मंशा जाहिर कर चुकी हैं।
