• May 17, 2024

Category : सोशल मीडिया

मीडिया पे फैसलेसोशल मीडिया

नन्हे बच्चे ने पत्रकार बनकर खोली सरकार की पोल उड़ाई धज्जियां

आप लोगों ने कई पत्रकारों को देखा होगा जो अपने कलम या माइक की ताकत से सितम की हकीकत को जनता तक पहुंचाते हैं। आज जनता की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए मीडिया बहुत बड़ा साधन है। लेकिन सोशल मीडिया पर एक नन्हा पत्रकार बहुत फेमस हो रहा है जिसने […]Read More

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हिन्दी पत्रकारों का बुढ़ापा और भविष्य

हिन्दी पत्रकारों का बुढ़ापा और भविष्य छह आठ महीने पहले एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने पूछा कि संजय जी आपका नंबर मेरे पास काफी समय से सेव है मैं पहचान नहीं पा रहा हूं कि आप कौन हैं। सभ्य और बुजुर्ग सी आवाज थी तो मैंने अपना परिचय बता […]Read More

सोशल मीडिया

ऐसे फ़ेसबुक से तो दूर की राम-राम ही भली।

फ़ेसबुक की शुरुआत दोस्तों के बीच बिना एक-दूसरे को देखे चैट करने के मक़सद से हुई थी। कुछ बिछड़े दोस्त मिले भी। इसके माध्यम से कुछ छोटे देशों में राजनीतिक उठापटक भी हुई। फिर एलीट क्लास इसे छोड़ कर ट्वीटर पर चला गया। बचे लोगों में से कुछ ने इसका इस्तेमाल अपनी रचनात्मकता बढ़ाने के […]Read More

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बदली, बढ़ी, बिखरी पत्रकारिता और चंदन

बदली, बढ़ी, बिखरी पत्रकारिता और चंदन! हरिशंकर व्यास ‘धर्मयुग’ मठ के अनुशासन में निकलती पत्रिका वहीं रविवार एक्ट़िविज्म और एजेंडे में खिली हुई पत्रिका। पता नहीं धर्मवीर भारती ने ‘रविवार’ की प्रारंभिक सफलता पर क्या सोचा होगा? उन्हें वह एक छिछोरी पत्रिका समझ आई होगी। मोटे तौर पर मेरा मानना है कि 1980 के वक्त […]Read More

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“आज तक” को अपने किसी बंदे को वन्य जीवन के अध्ययन के लिए वनों में घुमाना चाहिए

आज सुबह “आज तक” न्यूज़ चैनल पर ‘वायरल के सच’ प्रोग्राम में दिखाया गया कि एक हिरण की पीठ पर बंदर सवार है। एंकर महोदया इसे एक अजूबा बता रही थीं। ख़ैर, एंकर पर कोई टिप्पणी नहीं लेकिन डेस्क पर जिसने भी वह स्टोरी लिखी होगी, उसे इतनी तमीज़ नहीं कि वह वन्य-जीवन के बारे […]Read More

कहासुनीसोशल मीडिया

कांग्रेस की बाईपास सर्जरी है कन्हैया की एंट्री

कांग्रेस की बाईपास सर्जरी है कन्हैया की एंट्री जब हर दवा बेअसर होने लगे और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा हो तब बाईपास सर्जरी का रिस्क उठाया जाता है। इसे बहादुरी भी कह सकते हैं और मजबूरी भी। जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और वामपंथी युवा नेता कन्हैया कुमार को शामिल करके कांग्रेस ने अपनी […]Read More

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अब पत्रकार को (असल में पत्तलकार) कहना ही ठीक रहेगा

पत्रकारिता का रुतबा और हाल तो सबको पता है। आजकल यू-ट्यूब चैनल और यूट्यूब की पत्रकारिता का जमाना है। अच्छी और नए किस्म की पत्रकारिता हो रही है। जो मुख्यधारा की पत्रकारिता से काफी अलग है। कई दिनों से उसपर, वहां की खबरों व वीडियो तथा सितारों पर लिखने की सोच रहा हूं पर आज […]Read More

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