वर्तमान में के-न्यूज़ संवाददाता व मनसुख टाइम सम्पादक पर दर्ज मुकदमे की एक बार फिर चर्चा तेज।
एटा में पत्रकारिता की साख पर सवाल खड़े करने वाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।वर्तमान में के-न्यूज़ के एटा संवाददाता ज्ञानेश कुमार व मनसुख टाइम के सम्पादक बबलू चक्रवती से जुड़ा एक पुराना मामला फिर चर्चा में है।पीड़ित से पुलिस केस से राहत दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये लेने के आरोपों से संबंधित कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। खास बात यह है कि इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था और जांच पूरी होने के बाद दोनों पत्रकार आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि संवाददाता ज्ञानेश कुमार और मनसुख टाइम के संपादक भगवती सिंह उर्फ़ बबलू ने पीड़ित को पुलिस केस से निकलवाने का भरोसा देकर एक लाख रुपये लिए।जिसकी पीड़ित द्वारा शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया।
अब इस मामले से जुड़ी एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रकरण की फिर चर्चा तेज हो गई है। मामले को लेकर पत्रकारिता की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
वर्तमान में ज्ञानेश कुमार एटा जनपद में के-न्यूज़ चैनल के संवाददाता व भगवती सिंह उर्फ़ बबलू मनसुख टाइम के संपादक के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाएगा। इसलिए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।
