हरिद्वार। पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार और विवादों को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे हरिद्वार के खनन अधिकारी काज़िम रज़ा को आखिरकार मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। इस कार्रवाई को पत्रकार जगत अपनी एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत के रूप में देख रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पत्रकारों और खनन अधिकारी के बीच कई मुद्दों को लेकर तनातनी चल रही थी। जिसके बाद 23 जुन 2026 को भड़ास2मीडिया पोर्टल पर ये खबर प्रकाशित की गई थी आरोप थे कि अधिकारी द्वारा पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा था और कई मौकों पर संवादहीनता की स्थिति भी बनी। इन घटनाओं को लेकर पत्रकार संगठनों और विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े लोगों ने लगातार आवाज उठाई और मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाया।
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पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पत्रकारों के साथ अभद्रता करता है तो उसका विरोध होना स्वाभाविक है। काज़िम रज़ा के मुख्यालय अटैच होने की खबर सामने आने के बाद पत्रकारों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर भी गर्म है कि अधिकारी के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों ने उन्हें बचाने के लिए भरसक प्रयास किए। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम में अधिकारी के साथ खड़े दिखाई दिए और उनके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करते रहे। हालांकि अंततः प्रशासनिक निर्णय के सामने उनके सभी प्रयास विफल साबित हुए।
पत्रकार जगत के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक अधिकारी की कार्यशैली का नहीं बल्कि पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ था। इसी कारण विभिन्न विचारधाराओं और संस्थानों से जुड़े पत्रकार एक मंच पर आए और एकजुट होकर अपनी बात रखी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब पत्रकार समाजहित और अपने सम्मान के मुद्दे पर एकजुट होता है तो उसकी आवाज को नजरअंदाज करना आसान नहीं होता। फिलहाल काज़िम रज़ा को मुख्यालय अटैच किए जाने के बाद हरिद्वार में चर्चाओं का दौर जारी है और पत्रकार इसे अपनी सामूहिक ताकत की जीत के रूप में देख रहे हैं।
“पत्रकार एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ कई पत्रकारों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह संदेश उन सभी अधिकारियों के लिए है जो मीडिया की भूमिका को कमतर आंकने की भूल करते हैं। लोकतंत्र में पत्रकार और प्रशासन दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां हैं, लेकिन सम्मान और संवाद हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है।
नोट – अगर आपके फोन में लिंक ना खुले तो इस नंबर 9411111862 को सेव कर ले लिंक खुल जाएगा इसलिए बताया जा रहा है कि कुछ पत्रकार भाईयों की शिकायत है कि लिंक नहीं खुल रहा है
