अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी जी महाराज सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्माओं ने देखी फिल्म, हरिद्वार के पत्रकार भी रहे मौजूद
हरिद्वार। नीम करोली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक साधना और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अगाध भक्ति से जुड़े प्रसंगों पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार में खासा उत्साह देखने को मिला। फिल्म के विशेष शो में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी जी महाराज सहित विभिन्न अखाड़ों से जुड़े संत-महात्माओं ने पहुंचकर फिल्म देखी।
धार्मिक एवं आध्यात्मिक परिवेश में आयोजित इस विशेष शो में संत समाज के साथ-साथ हरिद्वार के पत्रकारों की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रही। कार्यक्रम के आयोजन में पत्रकार मनोज कश्यप का विशेष सहयोग रहा। संतों और मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने फिल्म के विशेष शो को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
संतों की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का आकर्षण
फिल्म के विशेष शो में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी जी महाराज के साथ विभिन्न अखाड़ों से जुड़े संत-महात्माओं का आगमन हुआ। संतों ने फिल्म के विषय को लेकर रुचि दिखाई और नीम करोली बाबा के जीवन, उनकी साधना तथा हनुमान भक्ति से जुड़े आध्यात्मिक पहलुओं को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा का माहौल भी देखने को मिला। संतों ने कहा कि संत-महापुरुषों के जीवन, उनके विचारों और आध्यात्मिक संदेशों को फिल्म जैसे माध्यम से आम लोगों तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास महत्वपूर्ण है।
नीम करोली बाबा की हनुमान भक्ति बनी फिल्म का केंद्र
नीम करोली बाबा आध्यात्मिक जगत में विशेष रूप से भगवान हनुमान के अनन्य भक्त के रूप में प्रसिद्ध रहे हैं। उनके जीवन से जुड़े अनेक प्रसंग आज भी देश-विदेश में श्रद्धालुओं और अनुयायियों के बीच आस्था एवं प्रेरणा का विषय बने हुए हैं।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उनके जीवन और आध्यात्मिक व्यक्तित्व से जुड़े प्रसंगों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। यही वजह है कि फिल्म को लेकर धार्मिक और आध्यात्मिक जगत में विशेष उत्सुकता देखने को मिल रही है।
पत्रकारों की भी रही खास मौजूदगी
विशेष शो में हरिद्वार के पत्रकारों की भी अच्छी मौजूदगी रही। मीडिया प्रतिनिधियों ने फिल्म की विषय-वस्तु, प्रस्तुति और संत समाज की प्रतिक्रिया को करीब से देखा। कार्यक्रम के दौरान संतों और पत्रकारों के बीच फिल्म तथा नीम करोली बाबा के आध्यात्मिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी हुई।
पत्रकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को मीडिया की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। धार्मिक नगरी हरिद्वार में आयोजित इस विशेष शो ने यह भी दिखाया कि आध्यात्मिक एवं धार्मिक विषयों पर आधारित फिल्मों को लेकर दर्शकों और मीडिया में विशेष रुचि बनी हुई है।
मनोज कश्यप के सहयोग की रही अहम भूमिका
इस विशेष आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार मनोज कश्यप के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संत समाज और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं के साथ पत्रकारों की मौजूदगी ने आयोजन को एक अलग पहचान दी। विशेष शो के दौरान धार्मिक वातावरण, संतों की उपस्थिति और फिल्म को लेकर लोगों की उत्सुकता साफ तौर पर दिखाई दी।
नई पीढ़ी तक पहुंचेगा आध्यात्मिक संदेश
‘हनुमान अंश’ के विशेष शो के माध्यम से नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश को भी महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। आज के दौर में जब युवा पीढ़ी फिल्मों और डिजिटल माध्यमों से तेजी से जुड़ रही है, ऐसे में संत-महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करना प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
हरिद्वार में आयोजित विशेष शो में संतों और पत्रकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा दिया। एक ओर जहां अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा फिल्म देखने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर धर्मनगरी का मीडिया जगत भी इस विशेष आयोजन का साक्षी बना।
कुल मिलाकर, ‘हनुमान अंश’ का विशेष शो हरिद्वार में आध्यात्मिक आस्था, संत समाज और मीडिया के संगम का एक खास अवसर बनकर सामने आया, जहां नीम करोली बाबा के जीवन और भगवान हनुमान के प्रति उनकी भक्ति को लेकर चर्चा का केंद्र फिल्म बनी रही।
