अचानक थम गई जिंदगी की धड़कन… नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का निधन, कल सुबह 8 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा
हल्द्वानी। उत्तराखंड के सूचना विभाग और पत्रकारिता जगत के लिए 12 सितंबर का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। नैनीताल जिले के जिला सूचना अधिकारी श्री गिरिजा शंकर जोशी का अचानक हृदयगति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई।
जिस अधिकारी से मीडिया जगत के लोग रोजमर्रा के कामकाज के दौरान संपर्क में रहते थे, उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। जिंदगी कब किस मोड़ पर साथ छोड़ दे, यह किसी को पता नहीं होता—गिरिजा शंकर जोशी का असमय निधन इसी सच्चाई को एक बार फिर सामने रख गया।
सुबह 8 बजे बिठोरिया से चित्रशिला घाट जाएगी अंतिम यात्रा
परिजनों के अनुसार, श्री गिरिजा शंकर जोशी की अंतिम यात्रा 13 सितंबर की सुबह 8 बजे बिठोरिया स्थित निवास से चित्रशिला घाट के लिए रवाना होगी। चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनकी अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों, सूचना विभाग के सहकर्मियों, पत्रकारों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और परिचितों के शामिल होने की संभावना है।
पत्नी, बेटा और बेटी को छोड़ गए पीछे
श्री गिरिजा शंकर जोशी अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकती।
जिस घर में परिवार के साथ भविष्य के सपने संजोए जा रहे थे, वहां अचानक मातम छा गया। एक पिता, पति और परिवार के सदस्य के रूप में उनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
सूचना विभाग और पत्रकारिता जगत को बड़ी क्षति
जिला सूचना अधिकारी के रूप में श्री गिरिजा शंकर जोशी की भूमिका प्रशासन और मीडिया के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की थी। उनके आकस्मिक निधन से सूचना विभाग के साथ-साथ पत्रकारिता जगत ने भी अपना एक परिचित चेहरा खो दिया।
उनके निधन की खबर सुनने वाले लोग यही कहते नजर आए कि कुछ ही पल में सब कुछ बदल गया। सुबह तक सामान्य जीवन और अचानक आई ऐसी खबर—परिवार, सहकर्मियों और परिचितों के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं है।
आज सिर्फ एक खबर नहीं, एक अपूरणीय क्षति है…
किसी अधिकारी का पद समाप्त हो सकता है, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी किसी दूसरे को सौंपी जा सकती है, लेकिन एक इंसान के चले जाने से पैदा हुई कमी कभी पूरी नहीं होती।
गिरिजा शंकर जोशी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साथ काम करने वालों और उन्हें जानने वालों की स्मृतियों में उनकी याद हमेशा जीवित रहेगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
भावभीनी श्रद्धांजलि। ॐ शांति।
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