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तथाकथित पत्रकार के शिकंजे में,जीत का ख्वाब संजोय लैंडिंग करने का कर रहे प्रयास

 तथाकथित पत्रकार के शिकंजे में,जीत का ख्वाब संजोय लैंडिंग करने का कर रहे प्रयास

पैराशूट उम्मीदवार तथाकथित पत्रकार के शिकंजे में,जीत का ख्वाब संजोय लैंडिंग करने का कर रहे प्रयास

रुड़की। जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आतें जा रहे हैं सभी राजनीतिक पार्टियां भी अपनी चुनावी जमीन तैयार करने में जुटी हुई हैं। आम आदमी पार्टी के पिरान कलियर विधानसभा प्रभारी शादाब आलम क्या किराए की जनता के सहारे आम आदमी पार्टी की नैया पार लगा पाएंगे। क्योंकि पैराशूट उम्मीदवार आप नेता चंद तथाकथित पत्रकार व किराए के समर्थकों संग जीत का ख्वाब संजोय अपनी लैंडिंग करने का प्रयास कर रहे है। लेकिन स्थानीय लोगों में नेता जी का वुजूद “ऊंठ के मुँह में जीरा” जैसी कहावत को सार्थक करता है। तथाकथित पत्रकारों की फौज समर्थक के रूप में प्रचार-प्रसार करने में जुटी है और नेता जी को बिना चुनाव लड़े ही विधायक बनाए अपना उल्लू सीधा कर रहे है। समर्थकों के रूप में तथाकथित पत्रकारों की भीड़ नेता जी के इर्द-गिर्द हमेशा देखी जा सकती है। ताज्जुब की बात ये है कि कई सौ किलोमीटर का सफर तय कर नेता जी चंद मुट्ठीभर किराये के समर्थकों के साथ विधानसभा का सफर तय करने का नामुमकिन ख्याब देख रहे है।

आपको बता दे 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दल चुनावी जमीन तैयार में जुटे है। उत्तराखंड में अपना भविष्य तलाशने आई आम आदमी पार्टी ने भी चंद विधानसभाओं पर प्रभारी नियुक्त किए है, इसी कड़ी में कलियर विधानसभा सीट पर प्रभारी बनाए गए शादाब आलम प्रबल दावेदार है, लेकिन महोदय चुनाव मैदान में उतरते ही तथाकथित पत्रकार और अपना उल्लू सीधा करने वाले चुनावी कारीगरों में घिर-कर रह गए है। तथाकथित पत्रकारों भी भीड़ सुबह से ही शादाब आलम के गुणगान करने में लग जाती है, बाकायदा प्रचार सामग्री तक बाटने में यही तथाकथित पत्रकार अपनी भूमिका निभाते है, वही सुबह होते ही तथाकथित पत्रकारों की फ़ौज के साथ नेता जी क्षेत्र में निकल जाते हैं क्षेत्र की जनता को गुमराह करने के लिए तथाकथित पत्रकार नेता की शान में कशीदे पढ़ने शुरू कर देते हैं। ताज्जुब की बात ये है कि कई सौ किलोमीटर का सफर तय कर नेता जी चंद मुट्ठीभर किराये के समर्थकों के साथ विधायक का सपना सजाए बैठे हैं। देखना यह होगा कि शादाब आलम क्या तथाकथित पत्रकार और किराए की जनता के सहारे आम आदमी पार्टी की नैया पार लगा पाएंगे या नहीं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

  • राव सरबर साबरी पत्रकार

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