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लोगो ने गोदी मीडिया से तंग आकर न्यूज़ चैनल देखना ही बंद कर दिया है।

 लोगो ने गोदी मीडिया से तंग आकर न्यूज़ चैनल देखना ही बंद कर दिया है।

पीएफआई !
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पटना पुलिस ने एक आतंकी नेटवर्क पकड़ा है। वो पीएफआई की आड़ में आतंकी ट्रेनिंग दे रहा था ! वहां से जो दस्तावेज मिले हैं उसमें दर्ज है कि 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बना देंगे ! जी हां, यह कोई सिर्फ जबानी जमा खर्च नहीं, बल्कि दस्तावेज में दर्ज बिंदुवार पूरा प्लान है और उस पर अमल भी शुरू है !

न्यूज़ चैनलों पर यह खबर कल से चल रही है और कुछेक वजहें हैं, जिनकी बिना पर आप इसे हुंह कहकर ऐसे नजरअंदाज कर सकते हैं जैसे कान की मक्खी उड़ाई हो। जी हां, पहली वजह यह है कि आप उस समूह से हैं, जो मानता है कि हमारा मीडिया तो गोदी मीडिया है और उसका काम ही नफरत फैलाना है। दूसरी, यह कि आप उस समूह से हैं, जिसे लगता है कि इतनी बड़ी बहुसंख्यक हिन्दू आबादी के रहते भारत का इस्लामिक राष्ट्र बनना मुमकिन ही नहीं है। तीसरी, यह कि आप उस समूह है, जिसे लगता है अभी सब ठीक चल रहा है और अभी 2047 आने में 25 लंबे साल हैं और जब वो नौबत आएगी तब देखेंगे। तब ज्यादा से ज्यादा क्या होगा, इस्लाम कबूल करना पड़ेगा और नमाज पढ़ना पढ़ेगी तो ठीक है, धर्म बदल लेंगे, नमाज पढ़ लेंगे। आखिर हमारे असंख्य पूर्वजों ने भी यही सब किया था। अभी क्यों लोड लें ? चौथी, यह कि आप उस समूह से हो, जिसे मोदी, भाजपा और आरएसएस का राज जरा नहीं सुहाता, बल्कि उनसे सख्त नफरत है और इसके बदले इस्लामिक शासन और शरीयत भी कबूल। पटना की इस खबर और पीएफआई के प्लान को नजरअंदाज करने की कुछ और वजहें भी मुमकिन हैं। हां, आप उस समूह से भी हो सकते हैं, जिसके मन में इस खबर पर भीतर ही भीतर लड्डू फूट रहे हों। जो हो।

इस खबर पर फिर भी दीगर चंद बातें कहना लाजमी हैं। पहली यह कि पीएफआई की इस देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की 2047 की जो गाइडलाइन है, उसका हिसाब लगाएं तो अंग्रेजों से हमें आजादी मिली थी 1947 में यानी 2047 में इस आजादी को पूरे सौ साल हो जाएंगे। गोया क्या माना जाए कि देश को सौ साल पहले ही इस्लामिक राष्ट्र बनाने की दीर्घकालिक योजना सोच ली गयी थी ? कोई जानकार ही यह बेहतर बता सकता है। दूसरी बात यह कि एक बड़ा वर्ग है जो हमारे मीडिया को लेकर गोदी मीडिया और नफरती मीडिया का शोर मचाये हुए हैं। एनडीटीवी के मौलाना रविश कुमार इसमें सबसे अव्वल हैं और खास बात यह कि वो हजारों बार कह चुके हैं कि आप लोग सारे न्यूज़ चैनल देखना बंद कर दीजिए ! क्यों कहते हैं वो ऐसा ? क्या इसलिए कि फिर आपको ऐसी इस्लामिक राष्ट्र बनाने वाली खबरों का पता ही न चले। यदि चले भी तो आप उस पर यकीन न करें और उसे गोदी मीडिया का एजेंडा माने ! पटना वाली खबर को सामने रखकर सोचिए कि मौलाना रविश ऐसा प्रोपेगण्डा रचकर क्या उसी पीएफआई और उन योजनाकारों का एजेंडा नहीं साध रहे, जो इस देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के काम पर लगे हुए हैं ? ताकि आपको ऐसी साजिशों का पता ही न चले ? बहुत लोग तो ऐसे हैं, जो कहते हैं उन्होंने गोदी मीडिया से तंग आकर न्यूज़ चैनल देखना ही बंद कर दिया है। मुमकिन है ये वही लोग हों जिन्हें मोदी, भाजपा और आरएसएस से सख्त नफरत है और इनके हटने की कीमत पर नमाज पढ़ना भी कुबूल है। सो समझने की बात यह है कि हमारा मीडिया भले मोदी प्रेमी या मोदी से प्रभावित हो या देशभक्त के बजाय मोदी भक्त हो लेकिन क्या वो ऐसा है कि हमारे देश को इस्लामिक राष्ट्र बनते देखना पसंद करेगा ? इस मीडिया के बारे में यह सवाल आप खुद से जरूर पूछिएगा।

अंत में एक बात और। जिन लोगों को लगता है कि पीएफआई और कोई और कितना ही कर लें, लेकिन यह देश कभी इस्लामिक राष्ट्र नहीं बनेगा, उनसे मेरा कहना है कि उन्होंने खरगोश और कछुए की दौड़ की कहानी तो सुनी ही होगी। सो यदि आप खरगोश हैं तो पेड़ के नीचे सुस्ताने और सोने का ख्याल या मुगालता दिल से पहली फुर्सत में निकाल दीजिये। पटना वाली खबर बता रही है कि खुराफाती कछुए काम पर हैं।

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