सीरिया की राजधानी दमिश्क में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब इजरायल ने अचानक हवाई हमला कर दिया। सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक स्थानीय टीवी चैनल पर बुलेटिन का सीधा प्रसारण चल रहा था और तभी आसमान से धमाकों की आवाजें आने लगीं।
टीवी स्टूडियो की एंकर शांति से खबर पढ़ रही थीं और दर्शकों को हालात की जानकारी दे रही थीं कि तभी तेज़ विस्फोटों की गूंज स्टूडियो तक पहुंची। कैमरे में देखा जा सकता है कि एंकर कुछ पलों के लिए सन्न रह गईं। अगले ही क्षण स्टूडियो की छत और दीवारें हिलने लगीं, लाइटें झपकने लगीं और तेज़ आवाज़ से माहौल डरावना हो गया।
वीडियो में साफ दिखता है कि एंकर अपनी कुर्सी छोड़कर जल्दी-जल्दी स्टूडियो के एक कोने की तरफ भाग जाती हैं। बैकग्राउंड में लोग चिल्लाते हुए सुनाई देते हैं और तकनीकी टीम भी इधर-उधर दौड़ पड़ती है। कुछ सेकंड बाद प्रसारण रुक जाता है और स्क्रीन पर ‘तकनीकी खराबी’ का संदेश आ जाता है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया। लोग एंकर के डर और स्थिति की गंभीरता को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
लाइव टीवी प्रसारण के दौरान सीरिया में इजरायल ने की बमबारी, डरकर भागी एंकर pic.twitter.com/0dPfoMydci
— bhadas2media (@bhadas2media) July 17, 2025
क्या हुआ था उस वक्त?
जानकारी के मुताबिक, इजरायल ने दमिश्क और उसके आसपास के इलाकों में कई मिसाइलें दागीं। सीरियाई सरकारी मीडिया का दावा है कि उन्होंने कुछ मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कई निशानों पर हमले सफल रहे। इजरायल ने अब तक इस हमले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि यह हमला ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया।
इस हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कुछ लोगों के घायल होने की भी खबर है।
पत्रकारों और प्रेस की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद से ही पत्रकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं कि युद्ध और संघर्ष क्षेत्रों में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे। लाइव प्रसारण के दौरान हुए इस हमले ने एक बार फिर से इस मुद्दे को उजागर कर दिया है।
वीडियो पर एक पत्रकार ने ट्वीट किया:
“यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि जिन आवाज़ों से हम दुनिया की सच्चाई सुनते हैं, वे खुद कितनी खतरनाक स्थितियों में काम करते हैं।”
फिलहाल सीरियाई प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और हमले की निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया है।
