मेरठ। शहर में पत्रकारिता से जुड़े एक बड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मेरठ के एक वरिष्ठ पत्रकार, जो कि हिंदुस्तान अख़बार के लिए रिपोर्टिंग करते हैं, पर ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, पत्रकार ने कथित रूप से शहर के परतापुर क्षेत्र में स्थित एक विवादित प्लॉट पर कब्ज़ा कर लिया और वहां निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो पत्रकार ने अपने रसूख का हवाला देते हुए धमकी दी कि “तुम लोग अख़बार में छप जाओगे और कहीं के नहीं रहोगे।”
मामले के उजागर होते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई। थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है और प्रशासन ने राजस्व विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन के कागजातों की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज किए जाएंगे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पत्रकार होने के नाते उन्होंने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी जमीन को भी अपने नाम दिखाने की कोशिश की। वहीं, पत्रकार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जमीन की खरीद-फरोख्त के पूरे दस्तावेज़ उनके पास हैं और यह मामला उन्हें बदनाम करने की साज़िश है।
उधर, इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों में भी हलचल मच गई है। कुछ संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, तो कुछ ने पत्रकार के समर्थन में खड़े होते हुए कहा कि पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।
फिलहाल प्रशासन ने जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है और पुलिस जांच पूरी होने तक वहां पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
