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एबीपी गंगा न्यूज़ के पत्रकार शक्ति सिंह पर जानलेवा हमला

 एबीपी गंगा न्यूज़ के पत्रकार शक्ति सिंह पर जानलेवा हमला

गाजियाबाद की आबोहवा इन दिनों टीवी चैनलों के पत्रकारों के लिए ठीक नहीं चल रही है। क्योंकि इन दिनों लगातार कुछ ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। जिनमें टीवी पत्रकारों पर एफ आई आर दर्ज हो रही है। ऐसे ही एक ताजा मामला सामने आया है। जहां दो बड़े टीवी चैनलों के रिपोर्टरों के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। मामला गाजियाबाद के साहिबाबाद के थाना क्षेत्र के मोहन नगर का है। जहां पर एबीपी गंगा में कार्यरत शक्ति सिंह और न्यूज़ 18 में कार्यरत अमित राणा के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला है। जिसमें कुछ वीडियो भी वायरल हो रही है। सूत्रों की माने तो यह इनके बीच कोई पहली लड़ाई नहीं है। इससे पहले भी नोकझोंक हो चुकी है। इस बार यह लड़ाई व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई थी। गाजियाबाद के पत्रकारों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है। जिसका नाम मीडिया सेंटर गाजियाबाद है। उस ग्रुप पर छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा पत्रकार जुड़ा हुआ है।

पहले तो व्हाट्सएप ग्रुप पर एक दूसरे को तंज कसा गया। फिर धीरे-धीरे बात इतनी बड़ी की एक दूसरे पर गाली गलौज तक होने लगी। जिसके बाद अमित राणा ने शक्ति सिंह को ललकारा और मिलने के लिए कहा… पहले तो शक्ति सिंह ने इनमें से जो का कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन दो-तीन बार पूछने के बाद शक्ति सिंह ने अमित राणा को अपने आप मोहननगर पर होने की बात बताई। शक्ति सिंह का आरोप है कि अमित राणा और हिमाशु शर्मा बदमाशों के साथ मोहन नगर आकर शक्ति सिंह को घेर लिया। जिसके बाद वहां खूनी संघर्ष होने लगा। वायरल वीडियो के मुताबिक शक्ति सिंह को वहां मौजूद मोजूद भीड़ ने अमित राणा और हिमांशु शर्मा और उनके गुर्गों से बचाया। वहां जमा भीड़ ने अमित राणा और हिमांशु शर्मा को वहां खड़ी भीड़ ने घेर लिया। जिसके बाद ये दोनों वहां से हवा में फायर करते हुए भीड़ से बच निकले। शक्ति सिंह को वहां मौजूद लोगों ने थाने पहुंचाया जहां से पुलिस शक्ति सिंह को अस्पताल ले गई और वहां पर उनका मेडिकल कराया। वहीं दूसरी ओर एक वीडियो और वायरल हो रही है जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर पड़े हुए एक शख्स को बेल्ट से मार रहा है। और कहा जा रहा है कि यह शक्ति सिंह के कुछ साथी है। जो अमित राणा को पीट रहे हैं। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि वहां पर उस वक्त शक्ति सिंह खुद घायल पड़े हुए थे। ऐसे में अगर उनके साथ कोई होता तो वह उनको अस्पताल या फिर पुलिस स्टेशन लेकर जा सकता था। बहरहाल पुलिस ने दोनों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन दो बड़े चैनलों के पत्रकारों की यह लड़ाई अब वर्चस्व की लड़ाई बन चुकी है। जिसको समय रहते शांत कराना होगा वरना यह लड़ाई आगे चलकर एक खतरनाक रूप ले सकती है।

गाज़ियाबाद से एक पत्रकार की रिपोर्ट

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