
विकासपुरी थाने की पुलिस ने पत्रकार के साथ की गुंडागर्दी, फोन छीनकर सबूत मिटाए, घंटों थाने में टॉर्चर किया
नई दिल्ली।
दिल्ली के विकासपुरी इलाके में एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट, अभद्रता और फर्जी गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। पत्रकार का आरोप है कि वह बुलडोज़र कार्रवाई की कवरेज कर रहा था, तभी मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ बर्बरता की और सबूत मिटा दिए।
👉 विकासपुरी थाने की पुलिस ने पत्रकार के साथ कि गुंडागर्दी,
👉 पत्रकार बुलडोजर कार्यवाही के दौरान कवरेज कर रहा था, तभी विकासपुरी थाने के ATO दीपक दहिया और ASI संदीप पुनिया आए और मेरे साथ मारपीट करने लगे और मेरा फोन छीन लिया और मुझे जबरदस्ती गिरफ्तार कर थाने ले गए जहाँ मेरे साथ… pic.twitter.com/tzCvxnsv3s
— Uday Hindustani (Journalist) (@UdayHindustani) July 11, 2025
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, वह मंगलवार को विकासपुरी क्षेत्र में चल रही बुलडोज़र कार्रवाई को कवर कर रहा था। तभी विकासपुरी थाने के ATO दीपक दहिया और ASI संदीप पुनिया मौके पर आए और उसे कवरेज करने से रोकने लगे। पत्रकार का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और जबरदस्ती उसे पकड़कर थाने ले गए।
फोन से सबूत डिलीट किए
थाने में पहुँचने के बाद, ATO दीपक दहिया ने पत्रकार का फोन SI दीपक को सौंप दिया। पत्रकार का आरोप है कि SI दीपक ने उसके फोन से मारपीट के दौरान रिकॉर्ड हुए सारे वीडियो और फोटो सबूत डिलीट कर दिए, ताकि उनके खिलाफ कोई प्रमाण न रह जाए।
आठ घंटे थाने में रखा, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना दी
पत्रकार का कहना है कि उसे थाने में करीब आठ घंटे तक बैठाकर रखा गया और इस दौरान उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। HC रामवीर नामक हेड कांस्टेबल ने उससे अभद्र भाषा में बात की और उसकी माँ-बहन तक को गालियां दीं। पत्रकार बार-बार पूछता रहा कि उसका कसूर क्या है, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने उसे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
कमिश्नर से लगाई गुहार
घटना के बाद पत्रकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से अपील की है कि ऐसे गुंडागर्दी करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पत्रकार ने कहा —
“कमिश्नर साहब, आपसे निवेदन है कि खाकी की आड़ में गुंडागर्दी करने वालों को मत बख्शिए। ऐसे पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए ताकि पुलिस की छवि और जनता का भरोसा बचा रहे।”
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों और सोशल मीडिया पर भी पुलिस की इस कथित बदसलूकी की निंदा हो रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।