हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा और महिला पत्रकार से मारपीट पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस से मांगी रिपोर्ट
देहरादून/हरिद्वार।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में हुई घटनाओं—दुकान तोड़फोड़ और महिला पत्रकार के साथ मारपीट—का संज्ञान उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य की पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया और पूछा कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश नरेंद्र जी गुहानाथन और जस्टिस आलोक मेहरा की खंडपीठ ने डीजीपी से पूछा कि सोशल मीडिया और खबरों में वायरल हो रहे वीडियो और रिपोर्टों पर पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
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— bhadas2media (@bhadas2media) July 16, 2025
इस पर अदालत में मौजूद राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कोर्ट को बताया कि दुकान में तोड़फोड़ के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जा रही है। डीजीपी ने यह भी बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और पुलिस लगातार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय है।
कोर्ट ने कहा कि इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
दरअसल, मानसून और कांवड़ यात्रा के दौरान चुनाव से जुड़े एक अन्य मामले में सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ने डीजीपी और पंचायती राज सचिव को तलब किया था। इस दौरान हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई हिंसक घटनाओं और महिला पत्रकार से मारपीट का मुद्दा भी अदालत के सामने आया। कोर्ट ने इस पर भी पुलिस से विस्तार से जानकारी मांगी और सख्ती से निर्देश दिए कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण रखा जाए।
