हरिद्वार, अखिल भारतीय साहित्य परिषद्, हरिद्वार द्वारा ओमविहार में स्थित श्रीहरिसदनम् सभागार में एक सरस कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् के सचिव डॉ. वाजश्रवा आर्य ने तथा संचालन हरिद्वार के अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के जिला महामन्त्री डॉ. विजय कुमार त्यागी ने किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शिविजय द्वारा प्रस्तुत ‘माँ सरस्वती शारदे, पूर्ण इस अज्ञान उदधि से वीणा पाणी तार दे’ सरस्वती वंदना से किया गया। साहित्य-गोष्ठी का संचालन करते हुए जिला महामन्त्री (अखिलभारतीय साहित्य परिषद्, हरिद्वार) ने सभी का स्वागत संस्कृत गीत के माध्यम से करते हुए दोहा छन्द में प्रस्तुती की और कहा- “श्रीहरिसदन की गोष्ठी में, है इच्छा ये अपार। प्रतिपल यूँ उज्ज्वल रहे सब कवियों का भाल॥” महामन्त्री डॉ. त्यागी ने समस्त विद्वान् कवियों का स्वागत करते हुए स्कन्ध-वस्त्र से सम्मानित किया।
धामपुर (बिजनौर) से पधारे कार्यक्रम के मुख्यअतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि डॉ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ ने कुछ यूँ फरमाया- “मस्त सब ग्वाल बाल, नाचते हैं दे दे ताल किशन की बाँसुरी में, जादू सा असर जी।” विशिष्ट अतिथि एवं सुप्रसिद्ध गीतकार, कवि नरेन्द्रजीत ‘अनाम’ ने भारत माँ का गौरव-गान इस प्रकार गाया- “जिसके चरणों को धोकर सागर अभिमान करे, आओ हम उस भारत माँ का गौरव-गान करें।” वरिष्ठ साहित्यकार एवं सरस कवि डॉ.सुशील कुमार त्यागी ‘अमित’ ने कहा- “चलो बढ़ो सभी स्वकीय, आन-बान शान से, स्वतन्त्र आज राष्ट्र है, समग्र विधि-विधान से।” रुड़की से पधारे ‘द ग्राम टुडे’ के सम्पादक शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने काव्य की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कवि-वाणी को नमन किया। इसी प्रकार रुड़की नगर के प्रसिद्ध साहित्यानुरागी कुशल शिक्षक श्री संजय वत्स ने भी कविता का भरपूर आनन्द लेते हुए कविता को कवि की एक ऐसी अनुपम रचना बताया, जो रसानुभूति श्रोता को कराती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् के सचिव डॉ. वाजश्रवा आर्य ने समस्त विद्वान् कवियों की रचनाधर्मिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि “वास्तव में आज राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविताओं की आवश्यकता है, जिससे हमारी भावी पीढ़ी प्रेरित हो सके। सचमुच इस कविगोष्ठी में देशभक्ति कविताओं तथा प्रेरणाप्रद कविताओं ने मुझे प्रभावित किया। सभी को साधुवाद।”
अखिल भारतीय साहित्य परिषद हरिद्वार के जिला अध्यक्ष श्री सचिन प्रधान जी ने आवश्यक सामाजिक कार्य में अन्यत्र व्यस्त होने के कारण दूरभाष पर ही कार्यक्रम का संज्ञान एवं आनंद लेते हुए सभी विद्वानों को शुभकामनाएं और बधाई प्रेषित की। इस अवसर पर दीपशिखा, अनीता, प्राची तथा शिविजय आदि उपस्थित रहे।
