
रायपुर। झारखंड की राजधानी रांची में हुए जन संस्कृति मंच के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में इस बार कई अहम फैसले लिए गए और नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। देश के जाने-माने रंगकर्मी जहूर आलम को मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, जबकि मनोज सिंह को तीसरी बार राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई।
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की इकाइयों की सक्रियता को देखते हुए उन्हें खास महत्व दिया गया। पत्रकार और संस्कृतिकर्मी राजकुमार सोनी को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी में कई समर्पित लेखक और संस्कृतिकर्मी शामिल किए गए।
राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी में जिन नए सदस्यों को जगह दी गई, उनमें प्रमुख हैं — आलोचक सियाराम शर्मा, कथाकार कैलाश बनवासी, रूपेंद्र तिवारी, दीपक सिंह, कामिनी त्रिपाठी और बिलासपुर जसम के अध्यक्ष मुदित मिश्रा।
राष्ट्रीय परिषद में शामिल अन्य सदस्यों में सुरेश वाहने, घनश्याम त्रिपाठी, सुलेमान खान, एन. पापा राव, अशोक तिवारी, आलिम नकवी, शायर सुखनवर, वंदना कुमार, इंद्र कुमार राठौर, समीर दीवान, अजय शुक्ला, कमलेश पांडे, अब्दुल रज्जाक, निहाल और आदित्य का नाम शामिल है।
हाल ही में मध्यप्रदेश के अशोक नगर में जन संस्कृति मंच की एक नई इकाई भी गठित हुई। वहां के कवि हरगोविंद पुरी को भी राष्ट्रीय परिषद में शामिल किया गया।
सम्मेलन में इस बार बड़ी संख्या में लेखकों और संस्कृति कर्मियों ने शिरकत की और फासीवाद की विभाजनकारी संस्कृति के खिलाफ अपने विचार रखे। दो दिन तक चले इस आयोजन में सांस्कृतिक सत्रों का भी आयोजन हुआ। इनमें से एक सत्र का संचालन राजकुमार सोनी ने किया। रायपुर इकाई से जुड़ीं संजू पूनम और सुनीता शुक्ला के नृत्य और गीतों को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
सम्मेलन के दौरान फासीवादी और विभाजनकारी ताकतों का मुकाबला करने के लिए विचार और संस्कृति के विभिन्न औजारों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।